आपदा मित्र योजना के बारे में

आपदा मित्र योजना राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) की एक प्रमुख आपदा स्वयंसेवक योजना है, जिसका उद्देश्य समुदाय स्तर पर आपदा से निपटने की तैयारी एवं प्रतिक्रिया क्षमता को सुदृढ़ करना है। इस पहल के अंतर्गत समुदाय के स्वयंसेवकों को प्रथम प्रत्युत्तरकर्ता (First Responder) के रूप में प्रशिक्षित किया जाता है, ताकि वे बाढ़, चक्रवात, भूकंप, भूस्खलन, आकस्मिक बाढ़, शहरी जलभराव तथा अन्य प्राकृतिक आपदाओं के दौरान स्थानीय प्रशासन की सहायता कर सकें।
“आपदा मित्र” शब्द का शाब्दिक अर्थ है “आपदा के समय मदद करने वाला मित्र”, जो आपदा के तुरंत बाद प्रभावित व्यक्तियों एवं समुदायों की सहायता में इन प्रशिक्षित स्वयंसेवकों की महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाता है।
दृष्टि एवं उद्देश्य
आपदा मित्र पहल का उद्देश्य स्थानीय स्वयंसेवकों को बुनियादी आपदा प्रतिक्रिया कौशल एवं ज्ञान से सशक्त बनाकर समुदाय की आपदा-लचीलापन क्षमता को बढ़ाना है। ये स्वयंसेवक समुदाय और औपचारिक आपदा प्रतिक्रिया एजेंसियों के बीच सेतु का कार्य करते हैं, जिससे जमीनी स्तर पर राहत एवं बचाव कार्य अधिक तेज़ और प्रभावी हो पाता है।
योजना के उद्देश्य
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आवश्यक आपदा प्रतिक्रिया कौशल में प्रशिक्षण देकर स्थानीय समुदायों को सशक्त बनाना।
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प्रशिक्षित स्वयंसेवकों का एक मजबूत नेटवर्क तैयार करना, जो औपचारिक सहायता पहुँचने से पहले सरकारी एजेंसियों की मदद कर सके।
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जिला एवं समुदाय स्तर पर आपदा तैयारी को बेहतर बनाना।
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प्राकृतिक आपदाओं के प्रति संवेदनशील क्षेत्रों में त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता को सुदृढ़ करना।
आपदा मित्र स्वयंसेवकों की भूमिका
आपदा मित्र स्वयंसेवकों को निम्नलिखित कार्यों हेतु प्रशिक्षित किया जाता है:
अपने समुदाय में प्रथम प्रत्युत्तरकर्ता के रूप में कार्य करना।
आपात स्थितियों में बुनियादी राहत एवं बचाव सहायता प्रदान करना।
खोज एवं बचाव, प्राथमिक उपचार, निकासी सहायता तथा प्रारंभिक चेतावनी प्रसार में जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) एवं अन्य एजेंसियों की सहायता करना।
समुदाय में जागरूकता फैलाना, तैयारी अभ्यास एवं मॉक ड्रिल आयोजित करने में सहयोग करना।
ये स्वयंसेवक आपदा के बाद के स्वर्णिम घंटों (Golden Hours) में जिला प्रशासन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान करते हैं।
प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण
योजना के अंतर्गत चयनित स्वयंसेवकों को संरचित प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है, जिसमें शामिल है:
बुनियादी आपदा प्रबंधन एवं प्रतिक्रिया तकनीकें।
जीवन रक्षक कौशल, प्राथमिक उपचार एवं आपात समन्वय।
आपातकालीन उपकरण किट एवं व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरणों का उपयोग।
समुदाय आधारित प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली एवं निकासी प्रक्रियाएँ।
प्रशिक्षण पूर्ण होने के पश्चात, आपदा मित्र DDMA एवं अन्य आपदा एजेंसियों के साथ मिलकर प्रभावी एवं समयबद्ध आपदा प्रतिक्रिया में सहयोग करते हैं।
उत्तर-पूर्व दिल्ली में योजना के अंतर्गत लक्ष्य
आपदा मित्र योजना के अंतर्गत उत्तर-पूर्व जिला में 200 स्वयंसेवकों तथा शाहदरा जिला में 100 स्वयंसेवकों को प्रशिक्षित किया गया है। उत्तर-पूर्व दिल्ली में प्रशिक्षित आपदा मित्र जिले में ही निवास करते हैं और आपदा एवं आपात स्थितियों के दौरान DDMA उत्तर-पूर्व का सक्रिय सहयोग करते हैं। समुदाय स्तर पर प्रथम प्रत्युत्तरकर्ता के रूप में ये स्वयंसेवक प्राथमिक उपचार, निकासी, खोज एवं बचाव सहायता तथा जागरूकता गतिविधियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, जिससे जिले की आपदा तैयारी एवं प्रतिक्रिया प्रणाली मजबूत होती है।
समुदाय को होने वाले लाभ
प्रशिक्षित आपदा मित्र मिलकर:
स्थानीय स्तर पर आपदा लचीलापन को सुदृढ़ करते हैं।
औपचारिक बचाव दलों की तैनाती से पहले त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता बढ़ाते हैं।
त्वरित कार्रवाई एवं सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से जन-धन की संभावित हानि को कम करने में सहायक होते हैं।
आंदोलन से जुड़ें – आपदा मित्र बनें!
आपदा मित्र कार्यक्रम केवल एक स्वयंसेवी योजना नहीं, बल्कि आपदा लचीलापन के लिए जन-आंदोलन है। उत्तर-पूर्व दिल्ली के युवा, ऊर्जावान एवं समुदाय-प्रेरित नागरिकों से आग्रह है कि वे इस पहल से जुड़ें, जागरूकता फैलाएँ और एक सुरक्षित व अधिक तैयार जिले के निर्माण में अपना योगदान दें।
