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भारत आपदा संसाधन नेटवर्क

 

भारत आपदा संसाधन नेटवर्क (IDRN)

जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण – उत्तर-पूर्व जिला, दिल्ली

IDRN के बारे में

भारत आपदा संसाधन नेटवर्क (India Disaster Resource Network – IDRN) भारत सरकार के गृह मंत्रालय (MHA) द्वारा भारत सरकार–यूएनडीपी (GOI–UNDP) आपदा जोखिम प्रबंधन कार्यक्रम के अंतर्गत विकसित एक वेब-आधारित राष्ट्रीय संसाधन सूची (National Inventory Platform) है। इस पोर्टल का उद्देश्य आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों के लिए आवश्यक उपकरणों, प्रशिक्षित मानव संसाधनों, आपातकालीन सामग्री तथा अन्य महत्वपूर्ण संसाधनों की वास्तविक समय (Real-Time) में जानकारी उपलब्ध कराना है।

जून 2008 से IDRN पोर्टल का प्रबंधन एवं निगरानी राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन संस्थान (NIDM) द्वारा की जा रही है तथा इसका होस्टिंग राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC), नई दिल्ली के सर्वर पर किया जाता है।

IDRN का उद्देश्य

IDRN का मुख्य उद्देश्य जिला प्रशासन, राज्य सरकारों एवं अन्य निर्णय लेने वाले अधिकारियों को आपदा के समय आवश्यक संसाधनों की शीघ्र पहचान एवं उपलब्धता सुनिश्चित करना है, जिससे राहत एवं बचाव कार्य समयबद्ध, प्रभावी एवं जीवन रक्षक बन सकें।

IDRN के प्रमुख उद्देश्य

  • आपदा प्रतिक्रिया हेतु आवश्यक उपकरणों का व्यवस्थित एवं अद्यतन संसाधन भंडार तैयार करना।
  • विभिन्न विभागों में उपलब्ध संसाधनों की अद्यतन जानकारी उपलब्ध कराना।
  • आपदा प्रभावित क्षेत्रों की त्वरित पहचान में सहायता करना।
  • आपदा के समय प्रभावी एवं समयबद्ध प्रतिक्रिया सुनिश्चित करना।
  • संसाधनों एवं भंडारण स्थलों (वेयरहाउस) का विवरण सुरक्षित रखना।
  • प्रशिक्षित एवं कुशल मानव संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करना।
  • आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित एवं प्रभावी राहत एवं बचाव कार्यों को सहयोग प्रदान करना।

IDRN की आवश्यकता

आपदा प्रबंधन के दौरान सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक आवश्यक संसाधनों एवं प्रशिक्षित मानवबल की उपलब्ध जानकारी का अभाव होता है। इससे राहत एवं बचाव कार्यों में विलंब होता है, जिससे जन-धन की हानि बढ़ सकती है।
भारत बाढ़, भूकंप, चक्रवात, भूस्खलन एवं सुनामी जैसी प्राकृतिक आपदाओं के प्रति अत्यधिक संवेदनशील है। इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए IDRN का विकास किया गया, ताकि जिला प्रशासन एवं आपदा प्रबंधकों को एक केंद्रीकृत, विश्वसनीय एवं आसानी से उपलब्ध संसाधन डेटाबेस प्राप्त हो सके।

IDRN की संरचना (Architecture)

IDRN प्रणाली निम्नलिखित समन्वित व्यवस्था के माध्यम से संचालित होती है:

  • राष्ट्रीय स्तर पर NIDM द्वारा निगरानी।
  • NIC द्वारा डेटा होस्टिंग।
  • राज्य स्तर पर समन्वय।
  • जिला स्तर पर डेटा प्रविष्टि एवं नियमित अद्यतन।
  • विभिन्न विभागों द्वारा सत्यापित संसाधन संबंधी जानकारी उपलब्ध कराना।

संपूर्ण डेटा ऑनलाइन एप्लिकेशन के माध्यम से दर्ज किया जाता है, जिससे एकरूपता एवं वास्तविक समय में जानकारी की उपलब्धता सुनिश्चित होती है।

IDRN का रखरखाव एवं निगरानी

  • NIDM: केंद्रीय निगरानी, उपयोगकर्ता प्रबंधन, तकनीकी रखरखाव, प्रशिक्षण एवं तकनीकी सहायता।
  • NIC: IDRN पोर्टल की होस्टिंग एवं सर्वर प्रबंधन।
  • राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA): जिला अधिकारियों के साथ समन्वय कर डेटा का नियमित अद्यतन सुनिश्चित करना।
  • जिला प्रशासन (DM/DC): विभिन्न विभागों से संसाधनों का संग्रह, सत्यापन एवं अद्यतन हेतु अधिकृत अधिकारी।

DDMA – उत्तर-पूर्व जिला की भूमिका

उत्तर-पूर्व जिले के जिला मजिस्ट्रेट, जो जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) के अध्यक्ष हैं, निम्नलिखित कार्यों के लिए अधिकृत अधिकारी हैं:

  • सभी विभागों एवं संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित करना।
  • संसाधनों संबंधी जानकारी का समय पर संग्रह एवं सत्यापन सुनिश्चित करना।
  • IDRN पोर्टल पर डेटा का नियमित अद्यतन सुनिश्चित करना।
  • जिले की आपदा तैयारी एवं प्रतिक्रिया क्षमता को सुदृढ़ बनाना।

आधिकारिक IDRN पोर्टल

🔗 IDRN वेबसाइट: https://idrn.nidm.gov.in
(राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन संस्थान (NIDM), गृह मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा प्रबंधित)

🔗 IDRN पोर्टल देखें लाइव दृश्य : भारत आपदा संसाधन नेटवर्क (IDRN)